Monday, October 12, 2026
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केदारनाथ मंदिर में सोने की चोरी का रहस्य अभी भी नहीं खुला

देश और दुनिया के सनातनियों के आस्था के केंद्र बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के मंदिरों में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर चढ़ावा चोरी के आरोप बहुत गंभीर हैं और इस मामले में स्थानीय पुलिस या कोई केंद्रीय जांच एजेंसी की उच्च स्त्रीय जांच संयुक्त संसदीय समिति की देख रेख में होनी चाहिए यह बात आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। श्री धस्माना ने कहा कि देश और दुनिया भर के सनातनी पहले ही अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के अरबों रुपए की चोरी से आहत हैं और अब घाव पर नमक लगाने वाली बद्री केदार मंदिरों में चढ़ावे की चोरी की खबरें सनातनी जनमानस की भावनाओं को बुरी तरह घायल कर रही हैं। श्री धस्माना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजिन की सरकारें चाहे वो यूपी की हो या उत्तराखंड की इन चोरियों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं क्योंकि राम मंदिर ट्रस्ट व बद्री केदार में बीकेटीसी ये दोनों ही भाजपा की सरकारों द्वारा गठित संस्थाएं हैं जो मंदिर के क्रियाकलापों निर्माण प्रबंधन सभी विषय देखते हैं। श्री धस्माना ने कहा कि पहले श्री केदारनाथ मंदिर में २२३ किलोग्राम सोना चोरी हुआ और इस मामले को भाजपा सरकार व बीकेटीसी ने रफा दफ़ा कर दिया और अब वहां चढ़ावे की हेराफेरी और श्री बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप लग रहे हैं जो बहुत चिंताजनक व गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश व देश की जनता को भाजपा सरकार की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है इसलिए राम मंदिर व बद्री केदार मंदिरों में सोने व चढ़ावे की चोरी की जांच संयुक्त संसदीय समिति की देख रेख में होनी चाहिए और राम मंदिर व बद्री केदार मंदिरों में चढ़ावा चोरी करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही होनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने।

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