एम्स ऋषिकेश में हुयी लाखों रुपये की चोरी का दून पुलिस ने किया सफल अनावरण
वादी श्री रविन्द्र तिवारी पुत्र श्री संतोष कुमार तिवारी, निवासी फ्लैट संख्या-60302, बिल्डिंग संख्या-60, एम्स आवासीय परिसर, ऋषिकेश द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके आवास का ताला तोड़कर घर में रखे सोने-चाँदी के आभूषण एवं ₹60,000/- नकद चोरी कर लिए गए हैं। प्राप्त तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश पर तत्काल मु0अ0सं0- 319/2026 धारा 305(ए)/331(3) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद देहरादून द्वारा घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुये प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए, घटनास्थल के आसपास आने जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को चैक किया गया, साथ ही घटना के सम्बंध में सुरागरसी/पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासो से दिनांक 31/07/2026 की रात्रि मुखबिर की सूचना पर काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड ऋषिकेश के पास से अभियुक्त मंडलपु शिवा अंजनेयुलू पुत्र मंडलपु कोटेश्वर राव, निवासी 5-111 मेन रोड, ओप्पो रामालयम, एडलापाडु, जनपद गुंटूर, आंध्र प्रदेश, उम्र 43 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से एक काले रंग का पिट्ठू बैग से भारी मात्रा में सोने-चाँदी के आभूषण, तीन आधार कार्ड, चोरी में प्रयुक्त पेचकस एवं अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद ज्वैलरी के सम्बन्ध में पूछताछ में अभियुक्त द्वारा उक्त ज्वैलरी को ऋषिकेश एम्स तथा राजकोट गुजरात में की गयी 02 अलग-अलग घटनाओं में चोरी करना बताया गया।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह गंगा स्नान के लिये हरिद्वार तथा ऋषिकेश आया था तथा दिनांक 20/07/2026 को एम्स ऋषिकेश स्थित आवासीय परिसर में रेकी के उपरान्त उसके द्वारा एक बन्द घर का ताला अपने पास रखे पेचकस से तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद अभियक्त द्वारा दिनांक 27/07/2026 को उसने गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी प्रकार चोरी की घटना कारित की थी। अभियुक्त द्वारा बताई गई सूचना का गुजरात पुलिस से सत्यापन कराया गया, जिसमें उक्त घटना के सम्बन्ध में राजकोट के थाना प्रद्युम्ननगर में मु0अ0सं0-632/2026 धारा 305/331(3)/317(2) बीएनएस पंजीकृत होना ज्ञात हुआ। गिरफ्तार अभियुक्त बेहद शातिर किस्म का अपराधी है जो बीमारी के बहाने अस्पताल परिसरों में घूमकर बन्द घरों की रैकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। पुलिस से बचने कि लिये अभियुक्त द्वारा अपने अलग-अलग नाम एवं विवरण वाले आधार कार्ड बनाये गये थे जिनका उपयोग वह चोरी से पूर्व होटलों, धर्मशालाओं आदि में ठहरने के लिए करता था। अभियुक्त से पूछताछ में उसका पूर्व में भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एवं गुंटूर में चोरी के मामलों में जेल जाना प्रकाश में आया है। अन्य राज्यों से भी अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
