पीडित नाबालिग की माँ ही निकली पूरे प्रकरण की सूत्रधार
श्रीमती नीलम देवी निवासी नागल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के द्वारा अपनी नाबालिक पुत्री का अपहरण होने के सम्बन्ध में एक शिकायती प्रार्थना पत्र थाना राजपुर में दिया गया। प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना राजपुर पर तत्काल धारा 137(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।
प्रकरण की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा नाबालिग की सकुशल बरामदगी तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु थाना राजपुर पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों के अवलोकन के साथ-साथ मैनुवल पुलिसिंग के माध्यम से अपहृत नााबालिग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई तो उक्त अपहृत नाबालिग के मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी पुलिस टीम को प्राप्त हुई, जिस पर तत्काल एक टीम को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। जहां पुलिस टीम द्वारा गोपनीय रूप से जानकारियां प्राप्त करते हुए नाबालिग युवती के अपहरण में शामिल 02 अभियुक्तो मनीष पुत्र राजकुमार व लवी कुमार पुत्र बिल्लू को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद किया गया।
अभियुक्तों से सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्त लवी कुमार द्वारा पिंकी मलिक नाम की एक महिला के माध्यम से उक्त नाबालिग को उसकी माता नीलम देवी से डेढ लाख रूपये में खरीदना बताया गया, जिसे उसने ₹ 02 लाख में अभियुक्त मनीष को बेचा था, जिसने विवाह के लिए लवी कुमार से उक्त युवती को खरीदा था। अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आए अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में शामिल अभियुक्ता पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर तथा अभियुक्ता नीलम देवी को आई0टी0 पार्क सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार किया गया।
विवेचना में दौरान प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर अभियोग में धारा 64, 3(5), 65(1),87, 143 बीएनएस व 5(एल)/6, 16/17 पोक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की गई।
पूछताछ में अभियुक्ता नीलम देवी द्वारा बताया गया कि पिंकी मलिक से उसकी मुलाकात कुछ समय पूर्व देहरादून में एक समारोह के दौरान हुई थी तथा आपसी बातचीत के दौरान पिंकी मलिक द्वारा उसे एक युवती की आवश्यकता होने तथा उसके एवज में अच्छा पैसा देने की पेशकश की गई थी, जिस पर अभियुक्ता द्वारा उसे अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात बताते हुए अपनी नाबालिग पुत्री उम्र 15 वर्ष को उसे देने तथा उसके एवज में डेढ लाख रूपये की मांग की गई थी।
सौदा तय होने पर पिंकी मलिक द्वारा उक्त युवती को अपनी पहचान के एक व्यक्ति लवि कुमार निवासी मुजफ्फरनगर को तथा लवि कुमार द्वारा उसे आगे मनीष नाम के एक व्यक्ति को 02 लाख रूपये में बेच दिया तथा प्राप्त रकम में से 80 हजार रूपये अभियुक्ता नीलम देवी को देते हुए शेष पैसा कुछ समय बाद देने की बात कही गई। तय समय के बाद भी सौदे की पूरी रकम न मिलने व नाबालिग को बेचने के अपराध में पकडे जाने के डर से अभियुक्ता नीलम देवी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी गढते हुए पुलिस में एक झूठी रिर्पोट दी गई। परन्तु पुलिस द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की गहनता से जांच कर घटना से जुडी हर कडी को जोडते हुए नाबालिग की खरीद-फरोख्त के प्रकरण का खुलासा कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
प्रकरण में पुलिस द्वारा घटना में शामिल सभी अभियुक्तों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अभियुक्तों के पूर्व में भी इस प्रकार के प्रकरणों से जुडे होने सहित अन्य सभी सम्भावित पहलुओं के संबंध मे विरूतृत जानकारी की जा रही है।
