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जिंदगी की दुश्मन बनी रफ्तार से दोस्ती, सांसों पर लग रहा ‘ब्रेक’

 सावधान! सड़क पर वाहन चला रहे हैं तो रफ्तार का शौक न पालें। रफ्तार से आपकी दोस्ती जिदंगी के लिए दुश्मन साबित हो सकती है। खुद सरकारी आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं।देहरादून में वर्ष 2022 में हुई कुल 400 दुर्घटनाओं में से 75 प्रतिशत यानी 302 दुर्घटनाओं की वजह अधिक गति और रैश ड्राइविंग रही। इनमें 130 व्यक्तियों की जान गई, जो सड़क दुर्घटना में हुई कुल मौतों का 72.62 प्रतिशत है।

इसी तरह अधिक गति और रैश ड्राइविंग के कारण 225 लोग घायल हुए, जबकि पूरे साल में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों की संख्या 315 है। यह स्याह तस्वीर सड़क दुर्घटनाओं को लेकर यातायात निदेशालय की रिपोर्ट में सामने आई। सबसे गंभीर यह कि रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है।

गलत दिशा और ओवरटेक भी दुर्घटना की मुख्य वजह

सड़क दुर्घटनाओं की वजहों की बात करें तो गलत दिशा से वाहन चलाना, गलत तरीके से ओवरटेक करना भी प्रमुख हैं। कुल दुर्घटनाओं में 12.5 प्रतिशत जहां गलत दिशा में वाहन चलाने से हुईं, वहीं आठ प्रतिशत गलत तरीके से ओवरटेक करने के चलते। इन दुर्घटनाओं में भी क्रमशः 20 और 18 व्यक्तियों को जान गंवानी पड़ी।

डोईवाला और ऋषिकेश में सर्वाधिक दुर्घटनाएं

यातायात निदेशालय के आंकड़े बताते हैं कि जिले में सबसे अधिक दुर्घटनाओं डोईवाला, ऋषिकेश और दून के पटेलनगर क्षेत्र में हो रही हैं।

वर्ष 2020 में डोईवाला में 37 दुर्घटनाओं में आठ की मौत और 24 घायल हुए। जबकि, वर्ष 2021 में 27 दुर्घटनाओं में 16 की मौत व 19 घायल हुए। वर्ष 2022 में 47 दुर्घटनाओं में 32 की मौत व 29 घायल हुए।

इसी तरह ऋषिकेश में वर्ष 2020 में 24 दुर्घटनाओं में 12 की मौत, वर्ष 2021 में 42 दुर्घटनाओं में 15 की मौत और वर्ष 2022 में 35 दुर्घटनाओं में 10 की मौत हुई।

ओवर स्पीड पर वसूला पौने चार करोड़ रुपये जुर्माना

वर्ष 2022 में पुलिस ने ओवर स्पीड के लिए वाहन चालकों से पौने चार करोड़ रुपये जुर्माना वसूला। जबकि, रेड लाइट जंप करने वाले वाहन चालकों से दो करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया। ये चालान सड़कों पर यातायात पुलिस के लगाए स्पीड वाइलेशन डिटेक्शन सिस्टम (एसवीडीएस) से लैस कैमरों से काटे गए।वाहन चालकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, लेकिन अधिकतर नौजवान सड़कों पर रैश ड्राइविंग करते नजर आते हैं। इस कारण ओवर स्पीड व रैश ड्राइविंग के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।

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