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ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंडर 45 दिन में, शहरी 25 दिन में: डॉ हरक सिंह रावत ने सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार पर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय करना पहाड़ के लोगों के साथ अन्याय है।

सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में गैस बुकिंग के बाद सिलिंडर की डिलीवरी अवधि 25 दिन रखी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है।

उनका कहना था कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में पहले से ही लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, ऐसे में गैस सिलिंडर की आपूर्ति में इतना लंबा अंतराल रखना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। गैस 60 रुपये महंगी भी कर दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कमजोर विदेश नीति के कारण देश में ऊर्जा संसाधनों की स्थिति प्रभावित हुई है और इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है।

साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर पहाड़ के लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार कुछ जिलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का दुरुपयोग हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चंपावत और उधम सिंह नगर में कुछ लोगों को हर वर्ष दो से तीन लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जबकि कई गरीब और जरूरतमंद लोगों को मात्र तीन हजार रुपये की ही सहायता मिल पा रही है।

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