अपराधउत्तराखंडदेहरादून

अवैध रूप से रह रही दो बांग्लादेशी महिलाएं होंगी डिपोर्ट, पश्चिम बंगाल बॉर्डर से घुसी थी

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ने देहरादून में सत्यापन अभियान के दौरान अवैध रूप से रह रही दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से बांग्लादेशी परिचय पत्र और परिवार रजिस्टर की डिटेल बरामद किए हैं, जिनके आधार पर अब दोनों को नियमानुसार डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार पुलिस, एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम द्वारा पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पूजा विहार, चंद्रबनी इलाके में ऑपरेशन कालनेमि के तहत सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान यासमीन और राशिदा बेगम के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि वे बांग्लादेश की नागरिक हैं और अवैध तरीके से भारत में रह रही थीं। उन्होंने बताया कि वे पश्चिम बंगाल बॉर्डर से अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसीं थी। पुलिस ने दोनों महिलाओं के पास से बांग्लादेशी परिचय पत्र और परिवार रजिस्टर की डिटेल बरामद की, जिनके आधार पर अब दोनों को नियमानुसार डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।

दोनों बांग्लादेशी महिलाएं होंगी डिपोर्ट

गौरतलब है कि एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर देहरादून में चल रहे ऑपरेशन कालनेमि के तहत अब तक कई बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। अब तक 5 नागरिक गिरफ्तार कर बांग्लादेश डिपोर्ट किए गए हैं। 7 नागरिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा चुका है। हाल ही में पकड़ी गई दो महिलाओं के खिलाफ भी नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें डिपोर्ट करने की तैयारी है। ऑपरेशन कालनेमि का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना है। साथ ही फर्जी बाबाओं और छद्मवेशियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

आगे भी जारी रहेगा सत्यापन अभियान

पटेलनगर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया “ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत अब तक कई बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में गिरफ्तार दो महिलाओं को भी नियमानुसार डिपोर्ट किया जाएगा। सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध को बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस का मानना है कि ऐसे विदेशी नागरिक, जो पहचान छिपाकर भारत में रह रहे हैं, देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

facebook sharing buttontwitter sharing button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *