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उत्तराखंड: ‘मम्मी घर आ रही हैं…’ आखिरी बातचीत के 15 मिनट बाद उजड़ गया परिवार, मसूरी हादसे में मां-बेटे की मौत

देहरादून: Mussoorie में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मसूरी-धनौल्टी मार्ग पर कार के गहरी खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में Ghaziabad के प्राणगढ़ी निवासी सविता और उनके इकलौते बेटे मनीत की भी जान चली गई। इस हादसे के बाद परिजनों में शोक की लहर छा गई है।

पुलिस के अनुसार धनौल्टी से झड़ीपानी के बीच एक कार का नियंत्रण बिगड़ गया, बताया जा रहा है कि कार के ब्रेक फेल हो गए, जिसके बाद वाहन सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों के परिजनों के अनुसार सविता अपने बेटे मनीत, मौसी संगीता और एक अन्य रिश्तेदार के साथ मंगलवार सुबह मसूरी घूमने के लिए निकली थीं। यात्रा के दौरान उन्होंने हरिद्वार स्थित Mansa Devi Temple में दर्शन भी किए थे। इसके बाद वे मसूरी और आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहे थे। जिसके बाद उन्होंने बुधवार सुबह करीब नौ बजे सविता ने फोन कर बताया था कि वे घर के लिए निकल चुकी हैं और जल्द पहुंच जाएंगी। लेकिन फोन कटने के करीब 15 मिनट बाद ही परिवार को सूचना मिली कि उनकी कार खाई में गिर गई है। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।हादसे की सूचना मिलने के बाद रिश्तेदार और परिचित परिवार के घर पहुंचने लगे। बुधवार देर रात तक परिजन मां-बेटे के शवों के गाजियाबाद पहुंचने का इंतजार करते रहे। घर में मातम का माहौल था और हर किसी की आंखें नम थीं।

परिवार में रह गईं दो बेटियां और पिता

सविता के पति धर्मवीर विजयनगर में एक इन्वर्टर-बैटरी की दुकान पर नौकरी करते हैं। सविता गृहिणी थीं। परिवार में उनकी तीन संतानें थीं। बड़ी बेटी भावना 24 वर्ष की हैं और एमएमएच कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। दूसरी बेटी कनिष्का 22 वर्ष की हैं और एक मीडिया हाउस में एंकरिंग का कार्य करती हैं। मनीत परिवार का इकलौता बेटा था और कक्षा 11वीं में पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के अनुसार मनीत पढ़ाई में काफी अच्छा था और उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। लेकिन एक दर्दनाक सड़क हादसे ने उसके सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया।

आज होगा अंतिम संस्कार

हादसे की खबर मिलते ही कई रिश्तेदार मसूरी पहुंच गए थे। वहीं गाजियाबाद स्थित घर पर बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शवों के गाजियाबाद पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मां-बेटे की एक साथ मौत की खबर से प्राणगढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। परिवार के परिचितों का कहना है कि सविता अपने बेटे से बेहद लगाव रखती थीं और अक्सर उसे अपने साथ ही रखती थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।

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