उत्तराखंड

टिहरी झील के कटाव और ब्लास्टिंग से बढ़ा खतरा, सुरक्षा दीवार झुकी.. गंगोत्री हाईवे पर संकट

टिहरी गढ़वाल: चिन्यालीसौड़ और भटवाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर भू-धंसाव और निर्माण कार्यों के चलते खतरे के हालात पैदा हो गए हैं। टिहरी झील से हो रहे लगातार कटाव के कारण चार वर्ष पूर्व बनाई गई सुरक्षा गेविंग दीवार लगभग तीन मीटर तक गंगोत्री हाईवे की ओर झुक गई है। इसके चलते न केवल हाईवे पर बल्कि जोगत-देवीसौड़ मोटर मार्ग पर भी बड़ी दरारें उभर आई हैं। स्थिति को देखते हुए चिन्यालीसौड़ बाजार और आसपास के आवासीय भवनों पर फिर से संकट मंडराने लगा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार टिहरी झील से लंबे समय से हो रहा भू-कटाव क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने बताया कि झील के कारण चिन्यालीसौड़ और आसपास के इलाकों में लगातार जमीन खिसकने की घटनाएं हो रही हैं। मुख्य बाजार, गंगोत्री हाईवे और रिहायशी क्षेत्र आज भी खतरे की जद में हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय जनता की लंबे समय से उठ रही मांग के बाद टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDC) द्वारा मुख्य बाजार के समीप झील से गंगोत्री हाईवे तक लगभग 30 मीटर ऊंची सुरक्षा गेविंग दीवार का निर्माण कराया गया था। करीब चार वर्ष पूर्व पांच करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य पूरा हुआ था।

लगभग तीन मीटर तक झुक गई दीवार

लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में कमी के कारण अब यह दीवार ऊपर से लगभग तीन मीटर तक झुक गई है। हाईवे पर लगा एक विद्युत पोल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो अब सड़क से हटकर झुकी हुई दीवार की ओर झूलता दिखाई दे रहा है। दीवार के झुकने से गंगोत्री हाईवे और आसपास की सड़कों पर मोटी दरारें पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

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